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  • 44 workers have been wandering in search of justice for 26 years and have appealed to the Chief Minister.

26 वर्षों से न्याय की आस में भटक रहे 44 श्रमिक, मुख्यमंत्री से लगाई गुहार।

पुराने श्रमिकों को हटाकर नए लोगों की बहाली का आरोप, बकाया वेतन और न्याय की मांग तेज।

वाराणसी। नाटीइमली वाराणसी निवासी महेन्द्र कुमार सहित 44 श्रमिक साथियों ने भारतीय औद्योगिक व्यापार एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रणजीत केसरी को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय दिलाने की मांग की है। श्रमिकों का आरोप है कि वे सभी प्रीतम खन्ना रग्स प्राइवेट लिमिटेड, इंडस्ट्रियल स्टेट चांदपुर वाराणसी में स्थायी रूप से कार्यरत थे, लेकिन उन्हें श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली सुविधाओं से वंचित रखा गया।

श्रमिकों के अनुसार, कंपनी में न तो साप्ताहिक अवकाश दिया जाता था और न ही हाजिरी कार्ड, वेतन पर्ची तथा न्यूनतम वेतन की व्यवस्था थी। इसके अलावा पीएफ और ईएसआई जैसी सुविधाओं से भी श्रमिकों को दूर रखा गया। आरोप है कि श्रमिकों से 8 घंटे के बजाय 10 से 12 घंटे तक कार्य कराया जाता था।

बताया गया कि ट्रेड यूनियन द्वारा श्रम विभाग में शिकायत किए जाने पर जांच के दौरान सभी श्रमिक मौके पर कार्यरत पाए गए थे। इसके बाद कम वेतन देने के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ, जिसमें फैसला श्रमिकों के पक्ष में आया। श्रमिकों का आरोप है कि फैसले के बाद कंपनी प्रबंधन उनसे नाराज हो गया और जबरन वाउचरों पर हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया जाने लगा। विरोध करने पर 11 अक्टूबर 2001 से सभी श्रमिकों को काम से वंचित कर दिया गया तथा उनकी जगह नए श्रमिकों की नियुक्ति कर दी गई।

पीड़ित श्रमिकों का कहना है कि पिछले 26 वर्षों से मामला लेबर कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुनवाई नहीं हुई। कोर्ट में केवल तारीख पर तारीख दी जा रही है। इस दौरान कई श्रमिकों की आर्थिक तंगी के चलते मृत्यु भी हो चुकी है। मृतक श्रमिकों के प्रमाण पत्र भी कोर्ट में जमा किए गए हैं, लेकिन फिर भी मामले में तेजी नहीं आई।

श्रमिकों ने मांग की है कि उन्हें 26 वर्षों का बकाया वेतन दिया जाए तथा पुराने श्रमिकों को न्याय दिलाया जाए। श्रमिकों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर मामले का जल्द समाधान कराने की अपील की है। पत्रक देते समय मुख्य रूप से महेंद्र कुमार सुदर्शन सिंह अमला प्रसाद संजय कुमार शिवजीत कृष्णानंद सिंह संजय सिंह बाबूलाल सिंह श्यामजीत राकेश कुमार सिंह चंदन कुमार उपस्थित रहे।