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  • Rashtriya Yuva Vahini raised questions and expressed displeasure over the working style of the officials in Hardoi.

राष्ट्रीय युवा वाहिनी ने उठाए सवाल, अधिकारियों की कार्यशैली पर जताई नाराजगी हरदोईमैं

रामपुर।राष्ट्रीय युवा वाहिनी महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष रोशनी शुक्ला ने हरदोई जनपद के थाना बघौली क्षेत्र अंतर्गत भगवान परशुराम जी की मूर्ति स्थापना एवं मंदिर निर्माण में लगाए जा रहे अवरोधों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि एक ओर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सनातन संस्कृति, ऋषि परंपरा और महान विभूतियों के सम्मान की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर अधिकारियों द्वारा भगवान परशुराम जी की मूर्ति स्थापना को रोका जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंताजनक है।

रोशनी शुक्ला ने कहा कि यदि सरकार स्वयं महापुरुषों और देवी-देवताओं के सम्मान एवं संस्कृति संरक्षण की बात कर रही है, तो फिर स्थानीय प्रशासन द्वारा मंदिर निर्माण और मूर्ति स्थापना में बाधा डालना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं मुख्यमंत्री की भावनाओं और सरकार की मंशा को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि भगवान परशुराम जी की मूर्ति स्थापना एवं मंदिर निर्माण में अनावश्यक बाधाएं तुरंत हटाई जाएं, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान हो सके। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के प्रतीकों का सम्मान करना प्रत्येक प्रशासनिक अधिकारी का भी नैतिक दायित्व है।

 भगवान परशुराम जी भगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाते हैं। उनका जन्म महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका के पुत्र के रूप में हुआ था। परशुराम जी को न्याय, धर्म, साहस और तपस्या का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने सदैव अधर्म और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष किया तथा समाज में धर्म की स्थापना का संदेश दिया।

भगवान परशुराम जी केवल एक योद्धा ही नहीं बल्कि महान तपस्वी, गुरु और संस्कृति रक्षक भी थे। उनके जीवन से हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने, सत्य का साथ देने और धर्म की रक्षा करने की प्रेरणा मिलती है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ रोशनी शुक्ला ने कहा कि भगवान परशुराम जी की शिक्षाएं आज भी समाज को एकता, साहस और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं, इसलिए उनके सम्मान में मंदिर और मूर्ति स्थापना का कार्य श्रद्धा और आस्था का विषय है, जिसे रोका जाना उचित नहीं है।