अमेठी। जनपद के ग्राम भरथीपुर निवासी पत्रकार त्रिपुरारी पाण्डेय का शांतिपूर्ण आमरण अनशन गुरुवार को दूसरे दिन भी लगातार जारी रहा। निष्पक्ष जांच, न्यायपूर्ण सुनवाई और अपने पक्ष को प्रशासन तक पहुंचाने की मांग को लेकर वे पिछले 24 घंटे से अधिक समय से अपने निजी आवास पर अनशनरत हैं।
पत्रकार त्रिपुरारी पाण्डेय का कहना है कि उन्होंने संबंधित प्रकरण में पुलिस प्रशासन को पूर्व में एक सप्ताह का समय देते हुए निष्पक्ष जांच और अपना पक्ष सुने जाने का अनुरोध किया था, लेकिन निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी कोई संतोषजनक पहल सामने नहीं आई। उनका आरोप है कि बिना उनका पक्ष जाने कथित रूप से फर्जी तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया, जिससे वे मानसिक एवं सामाजिक रूप से आहत हैं।
मामले को लेकर अब विभिन्न सामाजिक संगठनों की सक्रियता भी बढ़ती दिखाई दे रही है। क्षत्रिय करणी सेना के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक अमेठी को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने प्रकरण को गंभीर बताते हुए समयबद्ध जांच की आवश्यकता पर बल दिया है, ताकि स्थिति सामान्य हो सके और सभी पक्षों के साथ न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
अनशन के दूसरे दिन तक स्वास्थ्य विभाग अथवा प्रशासनिक स्तर पर किसी औपचारिक स्वास्थ्य परीक्षण या वार्ता की जानकारी सामने नहीं आई है। क्षेत्रीय स्तर पर यह चर्चा तेज हो गई है कि लंबे समय से अनशन जारी रहने के बावजूद अभी तक कोई जिम्मेदार अधिकारी, जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक प्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर हालचाल लेने नहीं आया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद, संवेदनशीलता और निष्पक्ष सुनवाई अत्यंत आवश्यक है। चुनावी माहौल में जनता के बीच सक्रिय दिखने वाले जनप्रतिनिधियों से ऐसे अवसरों पर मानवीय पहल और संवाद की अपेक्षा स्वाभाविक मानी जाती है।
फिलहाल पूरे क्षेत्र की नजर शासन-प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। लोगों के बीच यह चर्चा भी बनी हुई है कि क्या पत्रकार की मांगों पर निष्पक्ष पहल होगी अथवा प्रशासनिक चुप्पी आगे भी बरकरार रहेगी।