लखनऊ/ राजधानी/शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक: महाराणा प्रताप आज का दिन हमें उस महान योद्धा की याद दिलाता है जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए महलों का सुख त्याग दिया और घास की रोटी खाना स्वीकार किया, लेकिन कभी विदेशी दासता स्वीकार नहीं की। "द्वंद्व कहाँ तक पाला जाए, युद्ध कहाँ तक टाला जाए, तू भी है राणा का वंशज, फेंक जहाँ तक भाला जाए।" महाराणा प्रताप का जीवन हमें साहस, राष्ट्रप्रेम और अटूट संकल्प की प्रेरणा देता है। युवाओं के लिए उनका व्यक्तित्व एक मार्गदर्शक स्तंभ है कि विपरीत परिस्थितियों में भी अपने मूल्यों से समझौता नहीं करना चाहिए।