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  • Inflation was hidden until the elections, but as soon as the votes were cast, the burden was put on the public by increasing the price of gas cylinders – Sanjay Singh

चुनाव तक महंगाई छुपाई गई, वोट पड़ते ही गैस सिलेंडर महंगा कर जनता पर डाला गया बोझ — संजय सिंह

लखनऊ, 11 मई 2026 आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोमवार को अपने ट्विटर हैंडल के माध्यम से जारी बयान में कहा कि पांच राज्यों के चुनाव खत्म होते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ने जनता का “बोझ” उठाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। संजय सिंह ने कहा कि चुनाव तक सरकार जनता को भरोसा दिलाती रही कि देश में किसी चीज की कोई कमी नहीं है, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही जनता को तेल, गैस और सोने का इस्तेमाल कम करने की सलाह दी जाने लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट को भी “देशभक्ति” से जोड़कर जनता को मानसिक रूप से दबाव में रखने का काम कर रही है, जबकि सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग खुद ऐशोआराम, विदेशी यात्राओं और भव्य आयोजनों में किसी प्रकार की कटौती नहीं कर रहे हैं।

संजय सिंह ने कहा कि रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं यह कहा कि पिछले दो महीने से सरकार जनता का बोझ उठा रही थी। उन्होंने कहा कि इसका सीधा अर्थ यह है कि जब तक पांच राज्यों के चुनाव चल रहे थे, तब तक सरकार जनता को राहत देने का दिखावा करती रही, लेकिन चुनाव खत्म होते ही अब सरकार कह रही है कि वह जनता का बोझ नहीं उठा सकती। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान मोदी सरकार दावा कर रही थी कि देश में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है, पूरा भंडार भरा हुआ है और कोई संकट नहीं है, लेकिन जैसे ही चुनाव समाप्त हुए, जनता को सलाह दी जाने लगी कि पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करो, गैस कम इस्तेमाल करो, खाने के तेल का उपयोग कम करो और यहां तक कि एक साल तक सोना भी मत खरीदो।

संजय सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार जनता को यह संदेश दे रही है कि शादी हो, परिवार का कोई समारोह हो या कोई सामाजिक अवसर, लोग सोना तक न खरीदें। उन्होंने कहा कि जनता से हर प्रकार की कटौती करने को कहा जा रहा है और इसे देशभक्ति का नाम दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय यह सारा ज्ञान प्रधानमंत्री को याद नहीं आया था, क्योंकि उस समय केवल वोट लेने की चिंता थी। लेकिन चुनाव खत्म होते ही जनता पर आर्थिक बोझ डालने की शुरुआत कर दी गई।

आप सांसद ने कहा कि चुनाव समाप्त होने के तुरंत बाद सरकार ने कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी कर दी। उन्होंने कहा कि यही सिलेंडर चाय बेचने वाले, रेहड़ी-पटरी लगाने वाले, छोटे दुकानदार और मेहनतकश लोग इस्तेमाल करते हैं। इसके साथ ही पांच किलो वाले छोटे सिलेंडर के दामों में 261 रुपये की वृद्धि कर दी गई, जिसका उपयोग छात्र, मजदूर, गरीब परिवार और झुग्गियों में रहने वाले लोग करते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार लगातार आम जनता पर महंगाई और आर्थिक बोझ लादने का काम कर रही है।

संजय सिंह ने सवाल उठाया कि आखिर देश की जनता को कब होश आएगा और कब लोग इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जनता का केवल इस्तेमाल किया जाता है। कभी चुनाव के समय लोगों के खातों में कुछ पैसे डाल दिए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही युवाओं को सड़कों पर डंडों से पीटा जाता है। उन्होंने पटना की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि नौजवान रोजगार और अधिकार मांगते हैं तो उन्हें लाठियों से जवाब दिया जाता है।

संजय सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार जनता को यह समझाने की कोशिश कर रही है कि महंगाई में जीना ही देशभक्ति है, गैस कम इस्तेमाल करना देशभक्ति है, सोना न खरीदना देशभक्ति है और विदेश यात्रा न करना भी देशभक्ति है। उन्होंने कहा कि हर प्रकार की तकलीफ और आर्थिक परेशानी को राष्ट्रभक्ति से जोड़कर जनता को मानसिक रूप से दोषी महसूस कराया जा रहा है। लेकिन दूसरी तरफ भाजपा की विशाल रैलियां, रोड शो और राजनीतिक कार्यक्रम लगातार जारी रहते हैं, जिनमें हजारों-लाखों लोगों को बसों में भर-भरकर लाया जाता है और वहां पेट्रोल-डीजल की कोई बचत नहीं की जाती।

संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं लगातार भव्य कार्यक्रम, रोड शो और विदेशी यात्राएं करते हैं। उन्होंने कहा कि अभी प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा पर जा रहे हैं, वहां किसी प्रकार की बचत की जरूरत महसूस नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के लोगों के ऐशोआराम, आडंबर और खर्चों में कोई कमी नहीं आएगी, लेकिन आम जनता से कहा जा रहा है कि वह देशभक्ति के नाम पर अपनी जरूरतों और सुविधाओं का त्याग कर दे।

संजय सिंह ने कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दोहरा चरित्र अब देश के सामने पूरी तरह उजागर हो चुका है। उन्होंने कहा कि एक तरफ जनता को महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट के बीच जीने के लिए मजबूर किया जा रहा है और दूसरी तरफ सत्ता पक्ष अपने राजनीतिक प्रदर्शन और विलासिता में कोई कमी नहीं कर रहा। उन्होंने कहा कि आखिर कब तक देश की जनता को केवल वोट की मशीन समझकर इस्तेमाल किया जाएगा और चुनाव खत्म होते ही उसे उसके हाल पर छोड़ दिया जाएगा।

संजय सिंह ने कहा कि अब देश की जनता को खुद यह तय करना होगा कि वह कब तक महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक बोझ और सरकार के दोहरे रवैये को चुपचाप सहन करती रहेगी।