रामपुर रज़ा पुस्तकालय एवं संग्रहालय में आज दिनांक 28 अप्रैल 2026 को हिंदी सलाहकार समिति की बैठक सफलतापूर्वक आयोजित की गई। बैठक में समिति के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए कार्यसूची के सभी बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया और उन्हें सर्वसम्मति से अनुमोदित किया।
इस अवसर पर पुस्तकालय के निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि रामपुर रज़ा पुस्तकालय केवल एक ऐतिहासिक संस्थान नहीं, बल्कि भारत की बहुभाषिक, बहुसांस्कृतिक और ज्ञानपरंपरा का जीवंत प्रतीक है। आज की यह बैठक हमारे उस दीर्घकालिक दृष्टिकोण को सुदृढ़ करती है, जिसके अंतर्गत हम पुस्तकालय को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध एवं ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित करना चाहते हैं।
हिंदी सलाहकार समिति का गठन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो न केवल हिंदी भाषा के संवर्धन में सहायक होगी, बल्कि विभिन्न भारतीय एवं वैश्विक भाषाओं के बीच सेतु निर्माण का कार्य भी करेगी। उन्होंने आगे कहा कि बहुभाषिक अनुसंधान संस्थान और अनुवाद केंद्र की स्थापना से ज्ञान की सीमाएँ समाप्त होंगी और विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध अमूल्य साहित्य को एक व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाया जा सकेगा। आधुनिक भाषा प्रयोगशाला के माध्यम से हम परंपरागत ज्ञान को नवीन तकनीकी संसाधनों से जोड़ते हुए शोधार्थियों, विद्यार्थियों और विद्वानों के लिए एक सशक्त एवं अनुकूल वातावरण तैयार करेंगे। भारतीय भाषाओं के अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण की दिशा में हमारे प्रयास न केवल भाषाई पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करेंगे, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा और शोध के नए द्वार भी खोलेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि पुस्तकालय में संरक्षित बहुमूल्य पांडुलिपियाँ हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिनका वैज्ञानिक संरक्षण, आलोचनात्मक संपादन और बहुभाषिक अनुवाद अत्यंत आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी इस ज्ञान-संपदा से लाभान्वित हो सकें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी पहलों से रामपुर रज़ा पुस्तकालय भाषा के माध्यम से विश्व को जोड़ने के अपने मूल मंत्र को साकार करते हुए भारत को एक वैश्विक ज्ञान केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उल्लेखनीय है कि हिंदी सलाहकार समिति का गठन पुस्तकालय के निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र जी के प्रयासों से 12 दिसंबर 2025 को राजभवन, लखनऊ में आयोजित अपनी 53वीं बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार किया गया था। समिति का उद्देश्य हिंदी भाषा के प्रोत्साहन, बहुभाषिक विकास, भाषा-नीति निर्धारण में सहयोग तथा संस्थान में भाषा-संबंधी गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।