चीनी मिल मजदूर संघर्ष समिति की बैठक में अहम मुद्दों पर चर्चा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के चीनी उद्योग कर्मचारियों के वेतन पुनरीक्षण और चीनी उद्योग कर्मचारियों के लिए सरकार द्वारा बनाए गए स्थाई आदेश सेवा शर्तों का परिपालन सुनिश्चित कराए जाने की माग पर संघर्ष की रणनीति तय करने के लिए आज नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन मंडल कार्यालय चारबाग लखनऊ में उत्तर प्रदेश चीनी मिल मजदूर संघर्ष समिति के सदस्यों तथा चीनी मिल कर्मचारी प्रतिनिधियों की बैठक हुई। 

बैठक में संघर्ष समिति के संयोजक उमा शंकर मिश्र, एवं सदस्य सर्व प्रेम नाथ राय, चंद्रशेखर, विद्याकांत तिवारी,  दिलीप श्रीवास्तव, राजेश,  अयोध्य प्रसाद,  नंद किशोर तिवारी, हरि शंकर कश्यप,  रवि शंकर,  मुजीबुद्दीन अंसारी, राम जी मिश्र, गिरजा शंकर, राजेश पांडे, अफरोज अंसारी, अशोक कुमार, फूलचंद्र गौतम, राजेश कुमार तिवारी,  चंद्र शेखर, दामोदर तिवारी, दिनेश पटेल, सुरेंद्र शर्मा,  बबन यादव, नायक कुमार  अखिलेश कुमार,  अनिल सिंह सहित अन्य  चीनी मिल श्रमिक प्रतिनिधियों ने अपने विचार वयक्त किया। 

चीनी मिल कर्मचारियों का पिछला वेतन पुनरीक्षण उत्तर प्रदेश सरकार ने जून 2022 में राजाज्ञा जारी करके किया था। उक्त पुनरीक्षित वेतन अक्टूबर 1019 से सितंबर 2023 तक के लिए ही था। पहली अक्टूबर 2023 से फिर से मजदूरी की दर पुनरीक्षित हो जानी चाहिए थी लेकिन अभी तक मजदूरी की दर पुनरीक्षित नहीं की गई, जिसको लेकर कर्मचारियों के बीच  गंभीर रोष और असंतोष व्याप्त है।  

श्रमिकों के मजदूरी पुनरीक्षण सहित अन्य समस्याओं पर सरकार की इसी उदासीनता के दुष्परिणाम में ही नोएडा में मजदूरों के आंदोलन ने  उग्र रूप धारण किया, और तमाम मजदूर कार्यकर्ता जेल में हैं।  जिस कुचलने के लिए सरकार तमाम तानाशाही कदम उठा रही है। श्रम संगठनों के कार्यालयों में पुलिस बैठा कर सरकार आंदोलन को ही उकसाने की कार्यवाही कर रही है, जब की उसे अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए श्रम कानूनों का परिपालन सुनिश्चित करना चाहिए और निर्धारित समयानुसार मजदूरी का पुनरीक्षण और उसे क्रियान्वित करना चाहिए।