प्रत्येक सक्रिय सदस्य का राष्ट्रीय डेटाबेस में पंजीकरण अनिवार्य होगा।
नए सदस्य का नामांकन केवल जिला स्तरीय सत्यापन समिति की अनुशंसा पर ही मान्य होगा।
बिना पंजीकरण के कोई भी पदाधिकारी नियुक्त नहीं किया जाएगा।
🔹 बैठक एवं उपस्थिति अनिवार्यता: जिला कार्यकारिणी की बैठक प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को अनिवार्य होगी। लगातार तीन बैठकों में अनुपस्थित रहने वाला पदाधिकारी पदमुक्त माना जाएगा।
प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर की बैठकों में 75% से कम उपस्थिति पर स्पष्टीकरण अनिवार्य होगा।
🔹 वित्तीय अनुशासन एवं लेखा-जोखा:
संस्था के सभी कोषों का त्रैमासिक लेखा राष्ट्रीय कार्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा। किसी भी पदाधिकारी द्वारा बिना लिखित अनुमति के बाहरी चंदा लेना प्रतिबंधित होगा। वार्षिक आय-व्यय विवरण प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में प्रकाशित किया जाएगा।
🔹 अनुशासनिक कार्यवाही प्रक्रिया:
अनुशासनहीनता की शिकायत पर तथ्य-जाँच समिति का गठन 7 दिनों में होगा। दोषी पाए जाने पर निलंबन, पदावनति या पदमुक्ति की कार्रवाई की जाएगी। किसी भी पदाधिकारी को सार्वजनिक रूप से संगठन की नीति की आलोचना करने की अनुमति नहीं होगी।
🔹 सामाजिक कार्यों के अतिरिक्त मापदंड:
प्रत्येक जिले में प्रति तिमाही एक रक्तदान शिविर आयोजित करना अनिवार्य होगा। प्रत्येक प्रदेश में प्रति वर्ष कम से कम 10 नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम करने होंगे। गरीब छात्रों के लिए शैक्षिक सहायता शिविर प्रत्येक जिले में वर्ष में दो बार करना अनिवार्य होगा।
🔹 पदावधि एवं पुनर्नियुक्ति नियम:
जिला अध्यक्ष की अधिकतम पदावधि 3 वर्ष होगी। एक ही व्यक्ति लगातार दो से अधिक कार्यकाल प्रदेश अध्यक्ष नहीं रह सकता। पदमुक्ति के पश्चात पुनर्नियुक्ति के लिए 6 माह की प्रतीक्षा अवधि अनिवार्य होगी।
🔹 रिपोर्टिंग एवं निगरानी:
प्रत्येी माह की 5 तारीख तक पिछले माह की प्रगति रिपोर्ट राष्ट्रीय कार्यालय को भेजी जाएगी। वार्षिक आत्म-मूल्यांकन रिपोर्ट प्रत्येक पदाधिकारी को अपने वरिष्ठ को प्रस्तुत करनी होगी। किसी भी पदाधिकारी का सोशल मीडिया पर संस्था-विरोधी पोस्ट करना गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा।
🔹 आपातकालीन एवं विशेष दिशा-निर्देश:
राष्ट्रीय अध्यक्ष को बिना कारण बताए किसी भी पदाधिकारी को पदमुक्त करने का अधिकार होगा। प्राकृतिक आपदा या राष्ट्रीय संकट में सभी पदाधिकारियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी जाएंगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया जा सकेगा।
📌 पालन हेतु महत्वपूर्ण स्मरण:
आदेश पत्र और इन अतिरिक्त नियमों का उल्लंघन अनुशासनहीनता के समतुल्य होगा। किसी भी प्रकार की शिथिलता पर स्वतः पदमुक्ति के साथ-साथ भविष्य में पद न मिलने का प्रावधान भी लागू होगा। सभी पदाधिकारी आदेश पत्र को हस्ताक्षरित स्वीकृति देकर संस्था के रिकॉर्ड में जमा करेंगे।
🔹 आर्थिक अनुशासन – प्रतिदिन सदस्यता योगदान:
प्रत्येक पंजीकृत सक्रिय सदस्य प्रतिदिन न्यूनतम ₹1 (एक रुपया) संस्था के राष्ट्रीय कोष में जमा करेगा। यह राशी डिजिटल भुगतान (UPI / बैंक हस्तांतरण) या मासिक अग्रिम (₹30 या ₹31) के रूप में जमा करनी होगी। निर्धनता रेखा से नीचे के सदस्यों को वार्षिक सत्यापन के बाद छूट दी जा सकती है, लेकिन इसके लिए जिला अनुशासन समिति की अनुमति अनिवार्य होगी।
लगातार 5 दिन तक ₹1 न जमा करने पर स्वतः चेतावनी। लगातार 15 दिन तक जमा न करने की स्थिति में सदस्यता निलंबित कर दी जाएगी और पदाधिकारी पदमुक्त माना जाएगा। फर्जी छूट लेने पर सदस्य को स्थायी रूप से निष्कासित किया जा सकता है।
🔹 अनिवार्य 15-मिनट संस्था चर्चा (प्रतिदिन):
प्रत्येक दिन (रविवार एवं राष्ट्रीय अवकाश को छोड़कर) सभी पदाधिकारियों एवं सक्रिय सदस्यों को 15 मिनट की संस्था-चर्चा में भाग लेना अनिवार्य होगा।