प्रेम है। ये बात लखनऊ की प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना सौम्या वर्मा ने विश्व नृत्य दिवस के अवसर पर कही। गौरतलब है कि पूरे विश्व में 20 अप्रैल को विश्व नृत्य दिवस के रूप में प्रतिवर्ष मनाया जाता है। विश्व नृत्य दिवस याद दिलाता है कि जब शब्द कम पड़ जाएं, तो पैर बोलने लगते हैं। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य दुनिया भर में नृत्य को बढ़ावा देना है, सरकारों का ध्यान इस कला की तरफ खींचना और लोगो को नृत्य से जोड़ना है।
भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय की भरतनाट्यम की पूर्व छात्रा व वर्तमान में नाट्यसोल अकादमी की डायरेक्टर सौम्या वर्मा वर्मा बताती है कि 29 अप्रैल को ही विश्व नृत्य दिवस इसलिए चुना गया क्योंकि इसी दिन महान बैले नर्तक जीन जॉजैस नौवेरे का जन्म हुआ था और नोवेरे को मॉडर्न बेले का जनक माना जाता है। सौम्या का कहना है कि नृत्य शरीर को फिट रखता है और तनाव को कम करने के साथ साथ दिमाग को तेज चलाता है।