मेडिकल कॉलेज बस टेंडर में नियमों की अनदेखी, 2008 मॉडल की बस को किया गया संबद्ध

सुलतानपुर। मेडिकल कॉलेज में पूर्व प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव के कार्यकाल से जुड़ा एक और विवाद सामने आया है। इस बार मामला बस टेंडर में कथित अनियमितताओं का है, जिसमें निर्धारित मानकों की अनदेखी कर पुरानी बस को कॉलेज से संबद्ध किए जाने का आरोप लगाया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक वर्ष के लिए जारी किए गए बस टेंडर में स्पष्ट रूप से वर्ष 2020-21 मॉडल या उससे नई बस की शर्त निर्धारित की गई थी। इसके साथ ही बस में न्यूनतम 52 सीटों की क्षमता अनिवार्य बताई गई थी इसके बावजूद, जिस कंपनी का टेंडर स्वीकृत किया गया, उसकी बस वर्ष 2008 मॉडल की पाई गई। संबंधित बस का नंबर UP 65 AR 7602 है, जिसका पंजीकरण 2 दिसंबर 2008 को हुआ था। दस्तावेजों के अनुसार, बस का फिटनेस प्रमाण पत्र 29 मार्च 2026 तक वैध था, जबकि प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र 27 नवंबर 2025 को ही समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद लगभग 17 वर्ष 4 माह पुरानी इस बस को नियमों की अनदेखी करते हुए कॉलेज से संबद्ध कर दिया गया।

बताया जा रहा है कि यह टेंडर 22 दिसंबर 2025 को जारी किया गया था, जिसकी अंतिम तिथि 6 जनवरी 2026 निर्धारित की गई थी। मामले के सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।