आईसीयू में जिंदगी और मौत से जूझ रहे मरीज के लिए फरिश्ता बनी हैंडस फॉर हैल्प संस्था

अलीगढ़।एक परिवार अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा हो,हर उम्मीद टूटती नजर आ रही हो और अपने ही सामने अपनों की जिंदगी धीरे-धीरे फिसलती दिखे,ऐसे समय में अगर कोई सहारा बनकर सामने आए,तो वह किसी फरिश्ते से कम नहीं होता। ऐसी ही एक मिसाल पेश की हैंडस फॉर हैल्प सामाजिक संस्था,अलीगढ़ ने। आपको बता दें कि मुन्ना खान,जो मेडिकल आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं,उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। लगातार गिरती प्लेटलेट्स ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया था।

उनके पुत्र मोहम्मद आदिल अपने पिता को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे थे,लेकिन आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी के कारण वे पूरी तरह असहाय महसूस कर रहे थे। यहां तक कि आवश्यक मेडिकल खर्च और प्लेटलेट्स की व्यवस्था कर पाना भी उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया था।इसी बीच मेडिकल के डॉक्टर्स के माध्यम से हैंडस फॉर हैल्प संस्था को इस स्थिति की जानकारी मिली तब सूचना मिलते ही संस्था ने बिना देर किए मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए तुरंत कदम उठाया और पाँच यूनिट प्लेटलेट्स तथा एक यूनिट ब्लड की व्यवस्था कर परिवार को बड़ी राहत प्रदान की।इस पुनीत कार्य में शांति ब्लड बैंक और अजय सिंह चौधरी का विशेष सहयोग रहा, जिनकी सहभागिता से एक परिवार की उम्मीदें फिर से जाग उठीं।संस्था के अध्यक्ष सुनील कुमार और उनकी पूरी टीम निरंतर इस प्रयास में जुटी रहती है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति मदद के अभाव में अपनी उम्मीद न खोए।उनका यही संकल्प है कि हर जरूरतमंद तक समय पर सहायता पहुंचे और कोई भी व्यक्ति खुद को अकेला महसूस न करे।हैंडस फॉर हैल्प संस्था समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करने के लिए लगातार कार्यरत है और आगे भी इसी तरह जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की किरण बनती रहेगी।