गुडगाँव में इप्सेफ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 30 मई को

आवश्यक बैठक में 25 राज्यों के पदाधिकारी भाग लेंगे

लखनऊ। इप्सेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वी0पी0 मिश्र एवं महासचिव प्रेमचन्द्र ने यह जानकारी देते हुए बताया कि केन्द्र सरकार एवं राज्यों की सरकारों द्वारा देश भर के कर्मचारियों की मांगों पर आश्वासन के बाद भी टाल-मटोल की नीति अपनाई जा रही है। जिसमें कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया है। बैठक में संगठन की चर्चा के बाद भावी आन्दोलन का निर्णय लिया जा सकता है।

वी0पी0 मिश्र ने बताया कि विगत दिनों केन्द्रीय मा0 रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह से दो बार वार्ता हुई। कैबिनेट सेक्रेटरी भारत सरकार टी0वी0 सोमनाथम से भी दिल्ली मंे मुलाकात एवं बातचीत हुई थी, परन्तु अभी कोई खास प्रगति नहीं दिखाई दे रही है।

इप्सेफ की मांगेः-

1. 8वें वेतन आयोग की संस्तुतियां शीघ्र प्रदान करके उसे 01 जनवरी 2026 से कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 01 जनवरी 2026 से लागू की जाय।

2. इस बीच अन्तरिम राहत दी जाय।

3. ओ0पी0एस0/एन0पी0एस0 कर्मचारियों को स्वीकार नहीं है। इसलिए पुरानी पेंशन लागू की जाय।

4. आउटसोर्स/ठेका/संविदा कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, नियमितिकरण, न्यूनतम वेतन देने पर नीति बनायी जाय। जिससे उनका षोशण रोका जा सके।

5. प्राथमिक शिक्षकों की टी0ई0टी0 परीक्षा पास करने में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को छूट दी जाय। इस नियमावली में संशोधन किया जाय।

6. सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया जाय। निःशुल्क इलाज की व्यवस्था में सुधार किया जाय। अस्पतालों में इलाज के लिए धक्के खाने पड़ रहे है। दवायें भी नहीं मिल पाती है।

अतुल मिश्र उपमहासचिव, एस0बी0 सिंह विष्णु भाई पटेल ने प्रधानमंत्री एवं कैबिनेट सचिव से इप्सेफ की मांगों पर प्राथमिकता के हल कराने का आग्रह किया है।