लखनऊ। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव सुरेश सिंह यादव ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से प्रतिक्रिया देते हुए बताया है कि समस्त राज्य के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की मांगों को सरकार द्वारा कोई ठोस निर्णय न लिए जाने के कारण दिनांकः 23 मई को समस्त राज्य के कर्मचारी काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
राष्ट्रीय महासचिव सुरेश सिंह यादव ने बताया कि भर्ती पर लगी रोक तत्काल हटायी जाये तथा समस्त राज्यों में चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों को स्थायी नियुक्ति किया जाये। आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त की जाए। चतुर्थ श्रेणी की मृतक नियमावली 14 वाँ संशोधन कर चतुर्थ श्रेणी के परिवार को योग्यतानुसार तृतीय श्रेणी की नौकरी पर नियुक्ति हो जाती थी। परन्तु वर्तमान सरकार ने चतुर्थ श्रेणी के परिवार को मृतक के रूप में चतुर्थ श्रेणी के ही पद पर नियुक्त किया जायेगा, आदेश जारी किया है, उसे निरस्त किया जाए।
राष्ट्रीय महासचिव ने यह भी बताया कि आशा कार्यकत्री, आंगनवाड़ी, रसोईया, पी.आर.डी. जवानों के कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान 30,000/- रुपया दिया जाए, जिससे उनके परिवार को उचित जीवनयापन मिल सके। नई पेंशन व्यवस्था समाप्त कर पुरानी पेंशन बहाल की जाए, जिससे कर्मचारी 40-42 वर्ष तक सेवा करने के बाद बुढ़ापे के समय पेंशन न मिलने के कारण उनको कोई सम्मान नहीं मिलता। जबकि बुढ़ापे के समय ही आर्थिक एवं शारीरिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि जो एक बार सांसद, विधायक, राज्यसभा सदस्य या राजस्व परिषद सदस्य बन जाता है, तो उनको तीन-तीन पेंशन दी जाती है।
राष्ट्रीय महासचिव ने यह भी बताया कि कोरोना काल में 18 महीने का डी0ए0 अस्थायी रूप से एवं 7 भत्ते पर रोक लगाई गई थी, जिसको शीघ्र बहाल किया जाए। इस सम्बन्ध में कई बार माननीय प्रधानमंत्री जी को 17 सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारियों के माध्यम से राज्यों से सौंपा गया, जिस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई, जिससे राज्य के कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है, जिसको लेकर काला फीता बांधकर विरोध करने का निर्णय लिया गया।