वग्रह मंदिर गौशाला में निस्वार्थ सेवा संस्थान

हाथरस। आज निस्वार्थ सेवा संस्थान ने अपनी मासिक सेवा को निभाते हुए इस माह भी गौ सेवा का आयोजन किया। यह कार्यक्रम अलीगढ़ रोड स्थित नवग्रह मंदिर गौशाला में संपन्न हुआ, जिसमें संस्थान के सभी सदस्यों ने उत्साह, श्रद्धा और सेवा भाव के साथ भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह गौमाता की सेवा से हुई, जिसमें सदस्यों द्वारा हरी सब्ज़िया की व्यवस्था की गई। संस्थान का मानना है कि गौमाता का स्वास्थ्य सर्वोपरि है, इसलिए उनके लिए पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना आवश्यक है। गौमाता को भारतीय संस्कृति में समृद्धि, करुणा और मातृत्व का प्रतीक माना गया है, इसलिए उनकी सेवा समाज के लिए पुण्य और प्रेरणा का कार्य है। 

संस्थान द्वारा प्रत्येक माह शहर की किसी न किसी गौशाला में पहुंचकर गौ सेवा का आयोजन किया जाता है। इस सेवा अभियान का उद्देश्य केवल गौमाता के लिए आहार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि समाज में सेवा, संवेदना और जीवों के प्रति दया की भावना को जागृत करना भी है। संस्था के सदस्य नियमित रूप से अलग-अलग गौशालाओं में जाकर वहां की आवश्यकताओं को समझते हैं और यथासंभव सहयोग प्रदान करते हैं।

निस्वार्थ सेवा संस्थान विगत 1478 दिनों से निरंतर दैनिक रूप से मूक पशु सेवा अभियान भी चला रहा है। इस अभियान के अंतर्गत संस्था द्वारा प्रतिदिन निराश्रित एवं बेसहारा पशुओं के लिए भोजन, पानी तथा आवश्यक देखभाल की व्यवस्था की जाती है। संस्था का यह सतत प्रयास समाज में मानवता और जीव दया का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है।इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने गौ सेवा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गौमाता को विशेष सम्मान प्राप्त है और उन्हें माता के समान पूजनीय माना गया है। उन्होंने कहा कि गौ सेवा केवल धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि हमारा सामाजिक एवं नैतिक दायित्व भी है। साथ ही उन्होंने बताया कि संस्थान का उद्देश्य समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करना है।