श्रमिकों को शोषण से मुक्ति दिलाने का संकल्प लें :तिवारी

लखनऊ। 1 मई  ,मजदूर दिवस अथवा श्रमिक दिवस के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है। यह दिन कामगारों के संघर्ष, उनके अधिकारों के प्रति सजगता तथा उनके योगदान के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। कामगारों को काम के घंटे 8 करने की जीत के जश्न के रूप में भी श्रमिक दिवस मनाया जाता है। यह कहना है राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष जे एन तिवारी का। 

तिवारी ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि आज ही के दिन यानी अर्थात 1 मई 1886 को अमेरिका में श्रमिकों ने काम के घंटे 8 करने के आंदोलन की सफलता अर्जित किया था, उसके जश्न के रूप में 1 मई को श्रमिक दिवस पूरे विश्व में मनाया जाता है। श्रमिकों का सम्मान तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता के लिए भी श्रमिक दिवस का बहुत बड़ा महत्व है। 

वैश्विक स्तर पर 1 मई को भारत सहित विश्व के कई देशों में छुट्टी घोषित की जाती है ।आज के दिन श्रमिकों के सम्मान में रैलियां निकाली जाती हैं, गोष्ठी एवं श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए किए गए  संघर्षों को याद कर उनके अधिकारों की रक्षा का संकल्प भी लिया जाता है। श्रमिकों की गरिमा को मान्यता देना तथा उनके शोषण के खिलाफ आवाज उठाना श्रमिक दिवस का मुख्य  उद्देश्य है।

उन्होंने कहा कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद वंचित समाज के वंचित वर्ग, श्रमिकों एवं अल्प वेतन भोगियों की आवाज है। पहले आउटसोर्स कर्मियों के लिए न्यूनतम मानदेय तय कराने का संघर्ष संयुक्त परिषद ने किया।

 अब आज श्रमिक दिवस दिवस पर आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, रसोईया एवं अल्प मानदेय पर कार्यरत अन्य सभी कर्मियों के लिए जीने लायक वेतन दिलाने के लिए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के सभी पदाधिकारी संकल्प लेंगे एवं श्रमिकों को गरिमा  दिलाने तथा शोषण से मुक्ति दिलाने के लिए संकल्पित होकर कार्य करेंगे।