काशी में मृत्यु भी बनती है अमरत्व का मार्ग: प्रो. नागेंद्र पांडेय।

वाराणसी के मड़ौली स्थित मेहता आर्ट गैलरी में ‘कोरस-2026’ के तहत “काशी” पुस्तक पर आयोजित परिचर्चा में प्रख्यात ज्योतिषाचार्य प्रो. नागेंद्र पांडेय ने कहा कि काशी ऐसी आध्यात्मिक नगरी है जहां मृत्यु भी मोक्ष और अमरत्व का मार्ग बन जाती है। उन्होंने कहा कि यहां जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर मिट जाता है और व्यक्ति मुक्ति की तलाश में काशी आता है।

परिचर्चा में वक्ताओं ने काशी को केवल शहर नहीं, बल्कि एक जीवंत विचार और बहुलतावादी सांस्कृतिक केंद्र बताया। वरिष्ठ पत्रकारों और इतिहासकारों ने काशी की आध्यात्मिक, सामाजिक व ऐतिहासिक जटिलताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मोक्ष की अवधारणा केवल मृत्यु से नहीं, बल्कि साधना और आचरण से जुड़ी है।

कार्यक्रम में “काशी” पुस्तक की सराहना करते हुए इसे शहर की गहराई को समझने का महत्वपूर्ण प्रयास बताया गया। संचालन डॉ. लेनिन रघुवंशी ने किया तथा अंत में अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया।