सीवर लाइनों में बालू की बोरियां मिलने पर एसआईटी जांच की मांग

जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में एसीएम-प्रथम को सौंपा ज्ञापन

वाराणसी। शहर की विभिन्न सीवर लाइनों में बालू से भरी बोरियां, पत्थर, लकड़ी का बुरादा, प्लाई एवं अन्य मलबा मिलने के मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा भाजपा विधि प्रकोष्ठ काशी क्षेत्र के संयोजक शशांक शेखर त्रिपाठी ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। सोमवार को जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन उनकी अनुपस्थिति में अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम अवधेश जी को सौंपा गया ज्ञापन के माध्यम से पूरे प्रकरण की विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित कर निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की गई। शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा कि शिवाला क्षेत्र की मुख्य सीवर लाइन से करीब 12 बोरी बालू, जबकि नगवा, सरायनंदन सहित अन्य स्थानों पर भी सीवर लाइनों में बालू एवं अन्य सामग्री मिलने की सूचना गंभीर है। उन्होंने आशंका जताई कि यह महज तकनीकी समस्या न होकर किसी सुनियोजित कृत्य का परिणाम हो सकता है उन्होंने एसआईटी में वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ नगर निगम, जलकल तथा तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल करने की मांग की। साथ ही सीसीटीवी फुटेज, बालू एवं अन्य सामग्री की खरीद-परिवहन, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और संदिग्ध गतिविधियों की वैज्ञानिक जांच कराने पर जोर दिया उन्होंने कहा कि यदि जांच में सीवर व्यवस्था को जानबूझकर बाधित कर जलभराव अथवा अव्यवस्था उत्पन्न करने का प्रयास प्रमाणित होता है तो दोषियों एवं संभावित षड्यंत्र में शामिल लोगों के विरुद्ध कठोर विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए। ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव, गृह विभाग, उत्तर प्रदेश शासन तथा सचिव, गृह मंत्रालय, भारत सरकार को भी भेजी गई है।