• Home
  • Uttar Pradesh
  • Rampur
  • The spectacular decoration of Lord Bholenath and the offering of 56 offerings at Rampur's historic Bhamarua Shiva temple became a center of devotion and faith.*

रामपुर के ऐतिहासिक भमरौआ शिवालय में भगवान भोलेनाथ का अद्भुत श्रृंगार और 56 भोग का आयोजन श्रद्धा और आस्था का केंद्र बना।*

*पुजारी मुन्ना लाल द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं भव्य आरती की गई।*

 *इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर बाबा भोलेनाथ के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया।*

*भमरौआ शिवालय में सजा भोलेनाथ का भव्य दरबार, 56 भोग और अद्भुत श्रृंगार ने मोहा श्रद्धालुओं का मन*

*मंडल प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा*

रामपुर। रामपुर के ऐतिहासिक भमरौआ शिवालय में भगवान भोलेनाथ का अद्भुत श्रृंगार, 56 भोग एवं भव्य आरती का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में किया गया। बाबा भोलेनाथ का मनमोहक श्रृंगार देखते ही श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और भोलेनाथ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया

कार्यक्रम में पुजारी मुन्ना लाल ने विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर बाबा का भव्य श्रृंगार किया तथा 56 प्रकार के भोग अर्पित किए। इसके बाद भगवान भोलेनाथ की अद्भुत आरती की गई। श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की मुस्लिम परिवार में जन्मे मुन्ना लाल ने शिव भक्ति को बनाया जीवन का मार्ग पुजारी मुन्ना लाल की शिवभक्ति की कहानी अपने आप में रामपुर की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की मिसाल मानी जाती है। बताया जाता है कि मुन्ना लाल का जन्म मुस्लिम परिवार में हुआ था। रामपुर के एक पंडित परिवार ने उन्हें बचपन से अपने बेटे की तरह पाल-पोसकर बड़ा किया। इसी परिवार के संस्कारों और धार्मिक वातावरण में उनका जीवन शिव भक्ति से जुड़ता चला गया समय के साथ मुन्ना लाल ने पूजा-पाठ और भगवान भोलेनाथ की सेवा को अपना जीवन समर्पित कर दिया। आज वह पंडित के रूप में शिव मंदिरों में भगवान भोलेनाथ का श्रृंगार, पूजा और 56 भोग का आयोजन कराते हैं चंदे से वर्षों से निभा रहे हैं 56 भोग की परंपरा मुन्ना लाल की विशेष पहचान भगवान शिव को 56 भोग अर्पित करने की परंपरा से भी जुड़ी है। बताया जाता है कि वह शहर के श्रद्धालुओं से सहयोग और चंदा एकत्र कर विभिन्न शिव मंदिरों में इस धार्मिक आयोजन को संपन्न कराते हैं रामपुर के अन्य प्रमुख शिव मंदिरों के साथ-साथ ऐतिहासिक रठौड़ा शिव मंदिर में भी उनके द्वारा बाबा भोलेनाथ का श्रृंगार, 56 भोग और पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता रहा है मुन्ना लाल की यह धार्मिक सेवा केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि श्रद्धा, समर्पण और रामपुर की सांझी संस्कृति का संदेश भी देती है। भमरौआ शिवालय में आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण कर स्वयं को धन्य माना।

हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा भमरौआ शिवालय, भक्ति में डूबा पूरा वातावरण।