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  • The call for cow protection resounded in the capital Bhopal, where the supreme ascetic saint Tyagiji Gyan Teerth Maharaj raised his voice for the protection of the cow.

राजधानी भोपाल में गौ रक्षा के लिए गूंजा शंखनाद, परम तपस्वी संत त्यागीजी ज्ञान तीर्थ महाराज ने उठाई गौमाता की रक्षा की आवाज

अनुराग भार्गव जी के पवित्र संकल्प देश के सभी संत गौ भक्त साथ 

भोपाल/कटनी। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गौ रक्षा, गौ संवर्धन एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण को लेकर एक विशाल शंखनाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ज्ञान तीर्थ विलायत कलां, कटनी के परम तपस्वी संत त्यागीजी महाराज ने गौमाता के संरक्षण और संवर्धन के लिए समाज एवं सरकार से ठोस कदम उठाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में संत त्यागीजी महाराज ने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति, कृषि व्यवस्था और सनातन परंपरा की आधारशिला हैं। उन्होंने गौवंश संरक्षण को राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान देने की मांग दोहराई। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित संतों मै  स्थानु पुरुषानंद, भरत दास जी, विश्व मित्र जी, बृज बिहारी सरकार, सीताराम बाबा जी, दंगल सिंह जी सहित दिव्य संत रहे उपस्थित सामाजिक संगठनों एवं गौभक्तों ने गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और गौशालाओं के सशक्त संचालन की मांग की।


राजधानी भोपाल में हुए इस शंखनाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गौसेवक और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। गौ रक्षा के समर्थन में जयघोष और संकल्प के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

संत त्यागीजी महाराज ने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण, कृषि, स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा राष्ट्रीय विषय है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से गौ सेवा और गौ संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गौवंश संरक्षण के प्रति जनजागरण फैलाना और सरकार तक गौभक्तों की आवाज पहुंचाना रहा।