लखनऊ। देववन नक्षत्र वाटिका में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन देववन नक्षत्र वाटिका के संस्थापक के. के. जनार्दन नांबियार के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान श्री नांबियार ने त्रिवेणी पौधों (पीपल, बरगद एवं नीम) के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए शास्त्रों एवं नारद संहिता के अनुसार वृक्षारोपण की विधि तथा उसके लाभों की जानकारी दी। उन्होंने देववन नक्षत्र वाटिका की अवधारणा समझाते हुए नवग्रह, 12 राशियों एवं 27 नक्षत्रों के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारतीय परंपरा में प्रत्येक नक्षत्र, राशि एवं ग्रह का प्रकृति और वृक्षों से विशेष संबंध माना गया है तथा इनसे जुड़े पौधों का रोपण पर्यावरण संरक्षण के साथ सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक चेतना को भी बढ़ावा देता है।
इस अवसर पर एसएचओ टी. पी. वर्मा ने बेल का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में तेज कुमार मिश्रा रामपाल प्रमोद महेंद्र सुशील एवं अंकुर सहित अनेक पर्यावरण प्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।